10. हवा (बाल कविता)



 10.     हवा (बाल कविता)


पांच  तत्वों  में  से  एक  होती  है   हवा,

दिखे नहीं पर, जगह हरेक होती है हवा।


मंद-मंद  चले  तो  सुखद  लगती है हवा,

आंधी बन जाए तो बहुत खलती है हवा।


सर्दियों में ठंडक को बढ़ाती है हवा,

गर्मियों  में  राहत  पहुंचाती है हवा।


समुद्र  से  गर्म  भाप  ले  जाती  है  हवा,

फिर नभ में बादल उससे बनाती है हवा।


शुद्ध अवस्था में प्राण बन जाती  है  हवा,

प्रदूषित हो तो बिमारियां फैलाती है हवा।


समस्त  ब्रह्माण्ड  में  विद्यमान  है  हवा,

प्रकृति का एक बहुमूल्य वरदान है हवा।


— भगत राम मंडोत्रा




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