16. परीक्षा (बाल कविता)

परीक्षा (बाल कविता)


जांचने  के लिए किसी बिषय का ज्ञान,

समय -  समय  पर  होते  हैं  इम्तिहान.


जब-जब  भी  परीक्षा  के दिन हैं आते,

परीक्षार्थी  खुद  को  तनाव  में  हैं पाते.


खाना-पीना, सुख-चैन  बिसर जाता है,

हंसता-खेलता  जीवन बिखर जाता  है.


अगर इस तनाव से है किसी को बचना,

तो उसे एक  'टाइम टेबल'  होगा रचना.


जब  हम  शुरू  से  ही   करेंगे   तैयारी,

तो  नहीं  होगी  आखिर  में  मारा-मारी.


परिश्रम  का  फल हमेशा मीठा होता है,

भाग्य  के  भरोसे  रहने  वाला  रोता  है.


― भगत राम मंडोत्रा

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