2. आम (बाल कविता)
2. आम (बाल कविता)
देखो आम फलों का राजा
चाहे बासी हो या ताजा
मीठे रस से भरा रसीला
लाल हरा सन्तरी पीला
राष्ट्रीय फल है ये हमारा
समस्त फलों में श्रेष्ठ न्यारा
ये चौसा, लँगड़ा, बादामी
है हापूस, दशहरी नामी
सेवन इसका अपच भगाए
नयनों की ये नज़र बढ़ाए
ऊर्जा संचार तन में होता
रोग निरोधक क्षमता बोता
आम जब बाजार में आते
रेहड़ी दुकान हैं सज जाते
अमीर गरीब चाव से खाते
आम-पापड़ आचार बनाते
― भगत राम मंडोत्रा
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