6. समय (बाल कविता)
6. समय (बाल कविता)
साठ सेकंड एक मिनट बनाएं
साठ मिनट से है बनता घंटा
चौबीस घंटे दिन-रात बनाएं
सप्ताह सात दिनों में है बंटा
तीस दिन रचते हैं एक महीना
बारह महीने एक वर्ष बनाते
तीन सो पेंसठ दिन होते वर्ष में
समझाएंगे इसे जो हमें पढ़ाते
बीता समय नहीं वापस आता
पछताए जो इसे व्यर्थ गंवाता
समय की जो सही करे पहचान
कामयाब होता है वही इन्सान
— भगत राम मंडोत्रा
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